अवनति की परिभाषा क्या है अवनति किसे कहते हैं | domotion definition in hindi ?

प्रश्न : अवनति को परिभाषित कीजिये ?

उत्तर : अवनति (domotion) की परिभाषा निम्नलिखित है –

संबंधपरक व्याकरण में प्रयुक्त शब्द, जो क्रिया के साथ किसी विशेष संबंध में जुड़े हुए संज्ञा पदबंधके ऐसे संबंध-परिवर्तन की प्रक्रिया का बोध कराता है जो संबंधों के अधिक्रम में निम्न स्तर का सूचक होता है।
कर्तृवाचक वाच्यको अकर्तृवाचक वाच्य (कर्मवाच्य) में परिवर्तित करने पर कर्ता की अवनति ‘करण‘ के रूप में हो जाती है। जैसे-
1. बच्चे नेता को माला पहनाएंगे।
2. बच्चों द्वारा नेता को माला पहनाई जाएगी।
यहाँ कर्तृवाच्य वाक्य को कर्मवाच्य में परिवर्तित करने पर प्रथम वाच्य का कर्ता ‘बच्चे‘ दूसरे वाक्य में करण बन जाता है और वह क्रिया को अन्वित या प्रभावित करने की क्षमता खो देता है । सामान्यतः ऐसा तब होता है जब कर्ता के बाद ‘द्वारा‘, ‘से‘ आदि परसर्ग प्रयुक्त होते हैं जिसके फलस्वरूप कर्ता और क्रिया के बीच अन्वित संबंध विच्छिन्न हो जाता है।
कर्ता की यह अवनति दो प्रकार से होती है –
1. कर्ता के बाद परसर्ग का प्रयोग करके उसे निम्नस्तरीय कर्म की स्थिति प्रदान कर दी जाए। इसका उदाहरण ऊपर दिया गया है।
2. कर्ता का पूर्ण लोप करके । जैसे – ‘नेता को माला पहनाई जाएगी‘ (कर्मवाच्य) में बच्चों का पूर्ण लोप हो जाता है।

इस प्रकार के संबंध-परिवर्तन में जहाँ एक ओर कर्ता की अवनति होती है, वहीं दूसरी ओर कर्म की प्रोन्नति होती है। जैसे – ऊपर के उदाहरण में कर्तृवाच्य वाक्य का कर्म ‘नेता‘ कर्मवाच्य वाक्य में प्रधान हो जाता है और क्रिया के साथ सीधे जुड़कर इसे अन्वित करने की क्षमता प्राप्त कर लेता है । सामान्य व्याकरण में इसे तार्किक कर्ता (सवहपबंस ेनइरमबज) कहते हैं।

question : define the term domotion in hindi ?

answer : ऊपर अवनति की अर्थात domotion in hindi की परिभाषा देखिये –